अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास पर अमेरिका ने हमला कर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 'पकड़ लिया है.
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वेनेज़ुएला के क़रीबी देश रूस ने कहा है कि अगर यह बात सही साबित हुई तो यह किसी भी देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का गंभीर उल्लंघन होगा.
वहीं चीन ने कहा है कि एक संप्रभु देश के ख़िलाफ़ अमेरिका के खुलेआम बल प्रयोग और उसके राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ कार्रवाई से वह बहुत हैरान है और इसकी कड़ी निंदा करता है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि इन हमलों में ब्रिटेन की कोई भूमिका नहीं है जबकि अर्जेंटीना ने अमेरिकी कार्रवाई का स्वागत किया है.
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इन हमलों के बाद वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री ने पूरे देश में तुरंत मिलिट्री फोर्स तैनात करने की घोषणा की है.
वेनेज़ुएला में हुए हमलों के बारे में अभी भी बहुत सी बातों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं है.
मसलन इन हमलों में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को कितना नुक़सान हुआ है और कितने लोग हताहत हुए हैं?
अमेरिका ने कहा है कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ क़ानूनी मामला चलेगा.
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल ने बताया है कि न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट में मादुरो और उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ क़ानूनी मामला चलाया जाएगा.
वेनेज़ुएला ने अमेरिकी हमले पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है.
वेनेज़ुएला के विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान किया जाना चाहिए.
उन्होंने लोगों की सुरक्षा के लिए सीमा पर सेना तैनात करने और वेनेज़ुएला के लोगों के कोलंबिया में घुसने की संभावना के मद्देनज़र तैयारी करने का आदेश दिया है.
एक बयान में यूएन ने कहा कि हाल ही में बढ़े तनाव से यूएन के महासचिव बहुत चिंतित हैं, जो आज वेनेज़ुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के साथ ख़त्म हुआ है और इससे क्षेत्र के लिए संभावित चिंताजनक नतीजे हो सकते हैं.
यूएन ने कहा, "वेनेजुएला की स्थिति से अलग, ये घटनाएँ एक ख़तरनाक मिसाल कायम करती हैं.
महासचिव सभी से अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर भी शामिल है, उनका पूरी तरह से सम्मान करने के महत्व पर ज़ोर देते रहे हैं.
उन्हें इस बात की गहरी चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं किया गया है.
"
रूस समेत किन देशों ने जताई चिंता
इमेज स्रोत, Getty Images इमेज कैप्शन, हाल के दिनों में ट्रंप लगातार वेनेज़ुएला को चेतावनी देते नज़र आ रहे थे (फ़ाइल फ़ोटो)
रूस और क्यूबा दोनों ही वेनेज़ुएला के क़रीबी सहयोगी देश हैं.
उन्होंने इस हमले की निंदा की है.
रूस ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को 'बेहद चिंताजनक' बताया है.
"अगर यह (रिपोर्टें) सही साबित होती हैं तो यह संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून का गंभीर उल्लंघन होगा.
"
चीन
उन्होंने आगे लिखा, "हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करे, और दूसरे देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करना बंद करे.
"
क्यूबा
उन्होंने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण क्षेत्र में बेरहमी से हमला किया जा रहा है.
राष्ट्रपति ने एक्स पर लिखा, "मातृभूमि या मौत!
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यूरोपीय संघ
वहीं यूरोपियन यूनियन ने संयम बरतने की अपील की है.
स्पेन ने इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद करने के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करने की पेशकश की है.
"आइए, हम तनाव कम करने और ज़िम्मेदारी दिखाने की अपील करें.
हमें अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए.
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चिली
चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर अपने देश की "चिंता" ज़ाहिर की है और "निंदा" व्यक्त की है.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "चिली की सरकार के तौर पर, हम वेनेजुएला में अमेरिका की मिलिट्री कार्रवाई पर अपनी चिंता और निंदा व्यक्त करते हैं.
और देश को प्रभावित करने वाले इस गंभीर संकट का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की अपील करते हैं.
"
उन्होंने लिखा, "चिली अंतरराष्ट्रीय क़ानून के बुनियादी सिद्धांतों, जैसे कि ताक़त के इस्तेमाल पर रोक, दख़लअंदाज़ी से दूर रहना, अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है.
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उन्होंने कहा है कि वेनेज़ुएला संकट का समाधान बातचीत और सभी पक्षों के समर्थन से होना चाहिए, न कि हिंसा या विदेशी हस्तक्षेप से.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने क्या कहा
इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि इन हमलों में ब्रिटेन किसी भी तरह से शामिल नहीं है
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि वेनेज़ुएला में अमेरिकी ऑपरेशन में ब्रिटेन "किसी भी तरह से शामिल नहीं था.
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लेकिन इस मामले पर टिप्पणी करने से पहले वो और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं.
स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात नहीं की है.
उन्होंने एक बयान में कहा, "मैंने बात नहीं की है और यह स्पष्ट तौर पर एक तेज़ी से बदलती स्थिति है और हमें सभी तथ्य जानने की ज़रूरत है.
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प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा, "मैं यह कह सकता हूं कि इस ऑपरेशन में ब्रिटेन किसी भी तरह से शामिल नहीं था.
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जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस कार्रवाई की निंदा करेंगे, जैसा कि लेबर पार्टी के कुछ वामपंथी सांसदों और कुछ निर्दलीय सांसदों ने किया है, तो स्टार्मर ने कहा, "मैं पहले तथ्य जानना चाहता हूं.
मैं राष्ट्रपति ट्रंप से बात करना चाहता हूं.
"
उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, मैं हमेशा कहता हूं और मानता हूं कि हमें अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करना चाहिए.
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स्टार्मर ने कहा है कि वेनेज़ुएला में लगभग पांच सौ ब्रिटिश नागरिक हैं और दूतावास के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा रही है.
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2 का हवाला देते हुए मौजूदा हालात पर टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा, "संगठन के सदस्य अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किसी भी राज्य की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ ताक़त के इस्तेमाल या धमकी से बचेंगे, या किसी भी ऐसे तरीक़े से काम नहीं करेंगे जो संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों के ख़िलाफ़ हो.
"
ब्राज़ील ने कहा- यह हद पार करना है
इमेज स्रोत, Getty Images इमेज कैप्शन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी कार्रवाई को एक ''बेहद ख़तरनाक'' उदाहरण बताया है (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी कार्रवाई का दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना ने स्वागत किया है.
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने वेनेज़ुएला में अमेरिकी दख़ल का स्वागत किया है और सोशल मीडिया पर "आज़ादी आगे बढ़ रही है" वाक्य पोस्ट किया है.
वहीं ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डा सिल्वा ने चेतावनी दी कि "वेनेज़ुएला के इलाक़े में बमबारी और उसके राष्ट्रपति को पकड़ना एक ऐसी हद पार करना है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता" और "ये हरकतें वेनेज़ुएला की संप्रभुता पर एक बहुत गंभीर हमला है.
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उन्होंने इस घटना को "पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक और बेहद ख़तरनाक मिसाल'' बताया.
राष्ट्रपति ने आगे कहा, "अंतरराष्ट्रीय क़ानून का खुलेआम उल्लंघन करते हुए देशों पर हमला करना हिंसा, अराजकता और अस्थिरता वाली दुनिया की ओर बढ़ने का पहला क़दम है.
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उन्होंने कहा, "अमेरिका की यह कार्रवाई लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों की राजनीति में दखलअंदाज़ी के सबसे बुरे दौर की याद दिलाती है और इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ख़तरा है.
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